टूटे हुए सपनों की, सुने कौन सिसकी
अन्तर की चीर व्यथा, पलको पर ठिठकी
हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा!
काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूँ
गीत नया गाता हूँ!!
#सदैव_अटल#AtalBihariVajpayee
हिंदुस्तान की ख़ूबसूरती बयां करती है ये तस्वीर…
बिलाल, आसिफ़, आरज़ू, फैसल, शाकिर, सैयद, इरफ़ान, रुबिका… (लियाक़त), मोहम्मद सईद हम सब यहाँ @ABPNews में तैनात हैं ताकि हमारे दोस्त दीवाली इत्मिनान से मना सकें