माइंस एंड मिनरल्स (डवलपमेंट एंड रेगुलेशन) यानी MMDR Amendment Act में हालिया संशोधनों से झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को अपने खनिज अधिकारों और कर लगाने की स्वायत्तता सीमित होने का खतरा है। राज्य सरकार के अनुसार इससे हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जिससे कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होगी।
यह बिल झारखण्ड की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी!
राज्य के साथ सौतेला व्यवहार बंद करें केंद्र सरकार!
@HemantSorenJMM
एक तरफ छात्रों से फीस लेकर कोचिंग चलाना और दूसरी तरफ उसी भर्ती विवाद को लगातार हवा देकर खुद को बड़ा नेता साबित करना—यह छात्रों की लड़ाई कम और *निजी हित का खेल ज्यादा* लगता है। छात्रों को ऐसे लोगों को पहचानना होगा @HemantSorenJMM
ईमानदार का हक सर्वोपरि: "सच्ची लगन और मेरिट के दम पर स्कोर करने वाले छात्रों का हक छीनना सबसे बड़ा पाप है। व्यवस्था को हर हाल में सिर्फ और सिर्फ योग्य व मेहनती उम्मीदवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।"
परिवार की उम्मीदें और आंसू: "एक मेहनती छात्र के पीछे पूरे परिवार की उम्मीदें
उम्र सीमा और मानसिक तनाव: "कई अभ्यर्थियों के लिए यह आखिरी मौका था। बार-बार परीक्षाएं रद्द होने से हजारों युवाओं की उम्र निकल जाती है और वे गंभीर मानसिक व आर्थिक तनाव के शिकार हो जाते हैं।"
भाजपा के दबाव में छात्र बयान बदल रहे हैं, यह बेहद चिंताजनक है।
छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश बंद करो!
झारखण्ड के छात्र भाजपा के मोहरे नहीं हैं।
भाजपा के संरक्षण में जिस व्यवस्था में कोचिंग माफिया, बिचौलियों और परीक्षा के सौदागरों ने जड़ें जमाईं, आज हेमंत सरकार उसी सड़े हुए सिस्टम की सफाई कर रही है।
भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि जो गंदगी वर्षों में पैदा हुई है, उसे साफ करने में समय लग सकता है, लेकिन हेमंत सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। भाजपा ने व्यवस्था को कमजोर किया, हेमंत सरकार उसी व्यवस्था को दुरुस्त कर रही है।
कोचिंग माफिया हो या उनके संरक्षणदाता, बिचौलिए हों या परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
@HemantSorenJMM
क्या एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाना ही असली एजेंडा है?
झारखंड जवाब मांगेगा।
सरकार ने सुना, कार्रवाई की, फिर मामला कोर्ट गया और STAY आ गया।
जब पूरी प्रक्रिया न्यायालय में है, तो रोज-रोज सड़कों पर उतर कर सिर्फ हेमंत सोरेन जी को टारगेट क्यों?
क्या इसलिए कि वो एक आदिवासी बेटा है, जो दिल्ली के सामने झुकता नहीं?
एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश रची जा रही है, और हमारे युवाओं को मोहरा बनाया जा रहा है।
कुछ कोचिंग माफियाओं ने झारखण्ड के युवाओ का फाइदा उठाकर बीजेपी की दलाली कर रहें,
पुरे झारखंड को अशांत कर रखा है, बीजेपी वालों कितना गिरोगे यँहा के युवाओं को आगे कर झारखण्ड का ऐसा हाल कर दिया! शर्म करो, और बक्श दो युवाओं को उनके भविष्य के साथ मत खेलो!
जनता सब देख़ रही है!
झारखंड की जनता तथ्यों को देखे, समझे और फैसला करे। लोकतांत्रिक विरोध जरूरी है, लेकिन राजनीति के लिए झारखंड के युवाओं और उनके भविष्य को मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
@JmmJharkhand@KunalSarangi
देखिए, जब कुछ Coaching वाले छात्रों के हित से ज्यादा अपने व्यावसायिक फायदे को प्राथमिकता देते नजर आते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उनके पीछे अपना स्वार्थ हो सकता है। छात्रों के भविष्य को किसी के निजी हित का माध्यम नहीं बनना चाहिए। #save_jharkhandi_students_from_coaching_mafia