#लाठीचार्ज_पर_दोहरा_मापदंड
पूरा झारखंड जानना चाहता है कि @BJP4Jharkhand@yourBabulal जी बिहार में हो रहे छात्रों पर हिंसक रवैया पर अबतक चुप क्यों हैं।
एक तरफ झारखंड में ये छात्रों के लिए सरकार के विरुद्ध अपने पैसों से वकील दे रहे हैं वहीं बिहार में इन्हीं की सरकार छात्रों पर डंडे बरसा रही है।
#हेमंत_है_तो_विरोधियों_को_हिम्मत_है
@JmmJharkhand@HemantSorenJMM
#लाठीचार्ज_पर_दोहरा_मापदंड
"सत्ता में सन्नाटा, विपक्ष में हंगामा—आख़िर कब तक चलेगी यह दोगली राजनीति?" 🎭📢
👉 जब अपने शासित राज्य में निहत्थे लोगों पर पुलिस की लाठियाँ बरसती हैं, तब नेताओं के मुँह पर ताले लग जाते हैं। मीडिया सेल को सांप सूँघ जाता है और बयान आता है—"कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य का कर्तव्य है।"
👉लेकिन वही घटना जब किसी विपक्षी राज्य (जैसे झारखंड) में होती है, तो अचानक 'लोकतंत्र की हत्या' की चीखें सुनाई देने लगती हैं। रातों-रात पोस्टर छप जाते हैं, टीवी डिबेट्स में गला फाड़कर चिल्लाया जाता है और 'सड़क से सदन तक' चक्का जाम कर दिया जाता है!
यह सिर्फ किसी एक पार्टी की बात नहीं है, यह आज की राजनीति की कड़वी सच्चाई बन चुकी है:
👉 अपने राज में: पुलिस की बर्बरता भी 'प्रशासनिक सख़्ती' कहलाती है।
विपक्ष के राज में: वही लाठीचार्ज 'तानाशाही' और 'मानवाधिकार का हनन' बन जाता है।
अपने राज में: चुप्पी ही सबसे बड़ा समाधान है।
विपक्ष के राज में: इस्तीफा माँगे बिना रोटी हज़म नहीं होती!
असली सवाल लाठी का नहीं, राजनीतिक चश्मे का है!
👉 मुद्दा यह कभी था ही नहीं कि जनता पर लाठी क्यों चली या किसका ख़ून बहा। मुद्दा सिर्फ इतना सा है कि "लाठी घुमाने वाली सरकार अपनी है या दूसरे की?"
अगर आपकी हमदर्दी इस बात पर निर्भर करती है कि पीड़ित किस राज्य में है और हुकूमत किसकी है, तो यह जनता का दर्द नहीं, आपकी राजनीतिक अवसरवादिता (Political Opportunism) है। जनता अब इस 'सुविधाजनक विरोध' (Selective Outrage) के ढोंग को अच्छी तरह समझ चुकी है।
👉 न्याय और विरोध का मानक राज्य की सीमाएँ या पार्टी का झंडा देखकर नहीं बदलना चाहिए। लाठी का दर्द हर नागरिक के लिए एक समान होता है, चाहे वह भाजपा शासित राज्य हो या विपक्ष शासित!
⚡ आप राजनीति के इस दोहरे चरित्र पर क्या सोचते हैं? क्या आपको भी लगता है कि विरोध अब सिर्फ़ कुर्सी का खेल बनकर रह गया है?
#राजनीतिक_दोहरा_चरित्र #पक्षपातपूर्ण_राजनीति #लाठीचार्जi
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हमें विश्वास है कि अबुआ सरकार मेहनत, ईमानदारी और मेरिट के साथ खड़ी होगी। सही लोगों को उनका अधिकार मिलेगा और गलत करने वालों पर कार्रवाई होगी। @HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand
और कितना मौका चाहिए भाई? पढ़ाई करने के बजाय रिजल्ट नहीं आने पर भीड़ जुटाकर परीक्षा रद्द करवाने की कोशिश क्यों? इसका फायदा किसे होगा? सिर्फ कोचिंग माफिया को—फिर वही पढ़ाएँगे, पैसे लेंगे और अपनी दुकान चलाएँगे। अभी भी समझो, पढ़ो और आगे बढ़ो। 🙏🏻
@HemantSorenJMM@Babulal_Marandi
"जरा आप भी जाने महान समाज सेवक @harisharandevgn बारे में…
खुद दिल्ली में रहकर देश में सबसे बड़ा #NEET परीक्षा धांधली के वजह से #CJP का उदय हुआ और आंदोलन की शुरुआत हुई थी उन्होंने cjp प्रोटेस्ट को कभी भी समर्थन नहीं दिया बल्कि सरकार समर्थन में खड़े रहे यहां तक
@Wangchuk66
तक को बुरा भला कहा pics 👇
झारखंड #JPSC मामले में जनहित याचिका लेकर सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचने वाले #हरिशरण_देवगन जी खुद देश की राजधानी दिल्ली में रहकर झारखंड के मामलों में इतनी दिलचस्पी आखिर क्यों रखते हैं?
क्या यह सिर्फ जनहित याचिका युवाओं के भविष्य से जुड़ी चिंता है या कुछ और?
#jpscprotest
क्या झारखंड के JPSC मामले को लेकर उनकी सक्रियता के पीछे का और कोई विशेष कारण यही है जो राज्य की भाजपा पार्टी खुद को बदनाम करने से बचने के लिए इस महान समाज सेवक का सहारा लिया गया?
क्या देश के दूसरे राज्यों में जैसे #उतरप्रदेश_MP_राजस्थान में भी परीक्षा और पेपर लीक जैसे मामलों पर वे इसी तरह सक्रियता क्यों नहीं रखते हैं?
झारखंड और उत्तरप्रदेश में भी यही #DTPL कंपनी ने एग्जाम को कंडक्ट किया था जो दोनों राज्य में बड़ी स्तर पर धांधली हुई उत्तरप्रदेश में विधानसभा, और विधानपरिषद् परीक्षा में हरेक पांचवां सिलेक्शन कैंडिडेट मंत्री, विधायक या अधिकारी के रिश्तेदार थे धांधली उजागर के बाद इलाहाबाद हाइकोर्ट संज्ञान के बाद CBI जांच एजेंसी सौंपा गया उसके बाद भाजपा पार्टी के नेता मंत्री सुप्रीमकोर्ट चले गए केस को रुकवाने के लिए तब यही समाजसेवी #हरिशरण_देवगन
सुप्रीमकोर्ट में याचिका क्यों नहीं डाले?
क्या उत्तरप्रदेश में युवाओं को नौकरी करने का अधिकार नहीं है?
#Note सन 2021 में नियोजन नीति एवं स्थानीय नीति नियमावली जब सरकार ने लाई थी उन समय भाजपा नेता #रमेश_हांसदा ने याचिका दायर कर इसे राजनीतीकरण किया गया जिसके बाद हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया था!
@JmmJharkhand राज्य सरकार के खिलाफ बार बार याचिकर्ता @BJP4Jharkhand से ही क्यों जुड़े होते??
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren
यह समाज सुधारक कार्य है या फिर सिर्फ राजनीतिक साजिशें??
अजीत भारती के खिलाफ SC/ST एक्ट का इस्तेमाल बहुत ही कठोर और अनुचित प्रतीत होता है। कई लोग मानते हैं कि इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। अगर आप अजीत भारती का समर्थन करते हैं और SC/ST कानून में जरूरी बदलाव चाहते हैं, तो इस पोस्ट को रिट्वीट करें।
यह मामला एक मिसाल के तौर पर पेश किया जाना चाहिए कि कैसे SC/ST एक्ट का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। कानून का उद्देश्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा करना है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत विवादों या राजनीतिक दबाव के लिए होता है, तो न्याय की प्रक्रिया प्रभावित होती है। अजीत भारती जैसे मामलों में कड़ी नजर रखने और निष्पक्ष जांच की जरूरत है, ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा सके और सही पीड़ितों को न्याय मिल सके।
SC/ST एक्ट में स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए जो झूठे मामलों को रोक सकें और निर्दोष लोगों को परेशानी से बचा सकें। समाज में समानता और न्याय तभी संभव है जब कानून का सही और संतुलित इस्तेमाल हो। अजीत भारती के मामले को व्यापक चर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे कठोर और गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। सभी से अपील है कि वे इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाएं और कानून में सुधार की मांग करें।
अजीत भारती के साथ कौन- कौन है ✊💪
I stand with Ajeet Bharti
SC/ ST एक्ट का ग़लत उपयोग हो रहा है,
अपनी विचार को लोग नहीं रख सकते हैं।
#StopMisuseOfSCSTAct