तीर्थक्षेत्र #श्रावणबेळगोळ मांसाहार और शराब मुक्त अहिंसा क्षेत्र घोषित किया जाये.. #saveshravanbelgola हर घर से... हर गाव से... हर जिल्हे से प्रत्येक मंदिरजी से केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार को शीघ्र एक निवेदन , ज्ञापन भेजे...@RahulGandhi@CMofKarnataka
मागील १०/१२ वर्षांत ज्या पद्धतीने दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्रांवर बळपूर्वक अतिक्रमण , घुसखोरी केली जात आहे हे भयानक आहे.. दिगंबर जैन धर्माचे हिंदुत्वकरण करण्याचा जिद्दी हट्टी प्रयोग सुरू आहे.. मी दिगंबर शब्द यासाठी वापरला कारण इतर पंथ जवळपास सत्तेच्या आहारी जात त्यांनी कडव् हिंदुत्व जवळ जवळ स्वीकारलं आहे....
पूर्वी हिंदुत्व सहिष्णू होते आता नव्या वेगळ्याच हिंदुत्वाची रचना केली जात आहे... इतरांवर अतिक्रमण करणारे ... दुसऱ्या इतर धर्मांच्या मंदिरांवर मूर्तींवर बळपूर्वक हक्क सांगणारे आणि या कडव्या हिंदुत्वाची काळजी त्यांच्या पेक्षा बहुतांश जैन धर्मियांना आणि अनेक महाराजांना पडलेली दिसत आहे...
आदरणीय प्रधानमंत्री
मेरा नमस्कार
भारत देश में ऐसी व्यवस्था बनाए की भारत से कोचिंग / क्लासिस/ टयूशन जैसी जरूरत ही न रहे।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah
This is not just one family’s story.
It is a warning.
●A Jain family in UP, Nitin Ramesh jain is allegedly being forced to vacate their own home under pressure by Abrar, Israr, Arif, Arshad and Abid in Baghpat, UP. Not because they are wrong.But because they are alone.
●Let that sink in. We often believe, “It won’t happen to us.”But the truth is harsher, It happens where unity is missing.Forced migration is not just movement it is a silent collapse of security & belonging.
●When one Jain family suffers, why does the rest of the community stay distant? Where all the so called Jain netas/organizations working day night for the welfare of community.
Please show some mercy on this case too. He is pleading he is scared help him. He is living under constant threat and danger .
● @UPGovt@Uppolice@dgpup@myogioffice Every citizen deserves protection,regardless ofcommunity. When law-abiding citizens are pushed out of their own homes ,it is not just a local issue ,it is a failure of the system.
#UPjainfamily #forcedmigration #jain
अहमदाबाद में एक महिला को पुलिस कर्मी द्वारा थप्पड़ मारने का वीडियो हुआ वायरल .. महिला ने पालड़ी पुलिस थाने में दर्ज की फरियाद..
@AhmedabadPolice कमिश्नर ने बताया तुरंत ऐक्शन लिया जा रहा है ... इस घटना के मेरिट ने गए बिना मै कहता हूँ की , बिलकुल ऐक्शन तो होना ही चाहिए .. पर इससे भी ज्यादा जरुरी है पुलिस कर्मियों का पॉज़िटिव ओरिएंटेशन .. आने वाले समय में अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और ओल्य्म्पिक खेलों के आयोजन की तयारी कर रहा है .. हज़ारों की संख्या में विदेशी मेहमान हमारे शहर और राज्य में आएंगे ... ऐसी तस्वीरें काफी शर्मिंदा कर सकती हैं .. इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ सड़क पर मौजूद पुलिस के आउट-लुक को भी सुधारना पड़ेगा .. हम जानते है की पुलिस जारमियों पर काफी स्ट्रेस होता है .. कई बार लोग उनसे अब्द्रता से पेश आते हैं .. पर यही ट्रेनिंग उन्हें देनी है की पुलिसिंग डंडे से नहीं होती “policing should be done with mind”.
@sanghaviharsh@Bhupendrapbjp
कल रात शास्त्री पार्क, दिल्ली जैन मंदिर पर मुस्लिम लोगों द्वारा भारी भीड़ इकट्ठी कर के शांति बिगड़ने की कोशिश की गई, किन्तु पुलिस बल ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और 10लक्षण महापर्व को देखते हुए @gupta_rekha@DelhiPolice सुरक्षा व्यवस्था और सख़्त करें कैंसर मुक्त दिल्ली?
सेवा में,
महामहिम राष्ट्रपति महोदया @rashtrapatibhvn
भारत, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
विषयः "महादेवी" (उर्फ माधुरी) हाथी के संबंध में त्वरित हस्तक्षेप कर पुनः नंदिनी मठ में स्थानांतरित करने की विनम्र प्रार्थना।
महामहिम महोदया,
सविनय निवेदन है कि महाराष्ट्र राज्य के कोल्हापुर जिले के शिरोळ तालुका अंतर्गत नांदणी मठ में "महादेवी" (उर्फ "माधुरी") नामक मादा हाथी विगत लगभग तीन दशकों से मठ में रहती थी। यह हाथी केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन चुकी थी। उसके प्रति सभी जाति-धर्मों के लोगों की गहन भावनात्मक भावना जुड़ी हुई थी।
दिनांक 26 जुलाई 2025 को माननीय मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा महादेवी हाथी को गुजरात राज्य के जामनगर स्थित 'वनतारा' नामक पशु कल्याण केंद्र में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया। उक्त आदेश के विरोध में नांदणी मठ द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई, परंतु दिनांक 28 जुलाई 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय का आदेश यथावत रखा। परिणामस्वरूप, 29 जुलाई 2025 को महादेवी हाथी को गुजरात स्थित 'वनतारा' भेज दिया गया।
इस निर्णय के कारण नांदणी परिसर सहित गणेशवाडी व शिरोळ तालुका के 52 गांवों में, साथ ही कोल्हापुर, सांगली, सातारा और सोलापुर जिलों में गंभीर असंतोष और आक्रोश की लहर फैल गई है। महादेवी के प्रति जनता की श्रद्धा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर भी अत्यंत गहराई से जुड़ी हुई है।
हाथी के स्थानांतरण के निर्णय से स्थानीय निवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं और कुछ स्थानों पर विरोध व आंदोलन की स्थितियाँ उत्पन्न हुई हैं। यह परिस्थिति लोकशांति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील व चिंताजनक भी है।
विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ द्वारा 7 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन के क्रम में आपसे अनुरोध है कि कृपया इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र हस्तक्षेप करें, तथा महादेवी हाथी (उर्फ माधुरी) को पुनः नांदणी मठ में स्थानांतरित किए जाने की विनम्र अपेक्षा आपसे है।
हमारी यह अपील अत्यंत संवेदनशीलता और जनभावनाओं के सम्मान की भावना से की जा रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपकी करुणाशील भूमिका से इस विषय का समाधान शीघ्र और सकारात्मक रूप से संभव होगा।
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जालौर (राजस्थान) नगर परिषद द्वारा जैन महापर्व पर्युषण पर्व के अवसर पर 20, 27 व 28 अगस्त और 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी को मांस बिक्री और बूचड़खाने बंदी के आदेश जारी करने हेतु आभार
@DmJalore@JalorePolice@PoliceRajasthan कृपया आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
पर्युषण पर्व
जैन धर्म का यह महापर्व आत्मा की शुद्धि और अहिंसा-क्षमाभाव का प्रतीक है।
यह केवल उपवास का समय नहीं, बल्कि संयम, साधना और आत्मचिंतन का अवसर है।
आओ, “मिच्छामि दुक्कड़म्” की भावना से क्षमा और करुणा का संदेश फैलाएँ।
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