माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जी @JPNadda के अनुसार CHO (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) देश में स्वास्थ्य प्रणाली का रीढ़ है l परंतु दुर्भाग्य है कि आज भी छत्तीसगढ़ में CHO अपनी मूलभूत अधिकार एवं सुविधाओं से वंचित है वे सिर्फ प्रताड़नाओं और नौकरशाही का शिकार बने हुए है l
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कुछ दिन पूर्व छत्तीसगढ़ में NHM संविदा कर्मियों ने आंदोलन किया उसके बाद सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 25 प्रतिनिधियों को बर्खास्त कर दिया,
जिसमें हमारे all india cho forum or cho federation Bharat के राष्ट्रीय प्रतिनिधि और संघर्ष के साथी प्रफुल्ल भाई व उनके साथी भी शामिल थे ।
प्रफुल्ल भाई व उनके प्रदेश प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ में 16000 NHM कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए।
सरकार ने 16000 नई भर्ती निकालने की बात कह डाली ।
परंतु प्रफुल्ल भाई और उनके सीनियर प्रदेश प्रतिनिधियों के प्रयासों से स्थानीय स्तर पर मजबूती से बात रखी गई और हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ भाजपा के पूर्व प्रभारी और राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर जी से मुलाकात की गई ओम प्रकाश माथुर जी ने भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जी और स्वास्थ मंत्री जी से बात की है व जल्द उनकी जायज मांगों को पूरा करने व बर्खास्त सभी प्रतिनिधियों को बहाल करने का विश्वास दिलाया है ।
आज हेल्थ सेक्रेट्री से उनकी वार्ता भी कुछ देर बाद रखी गई है ।
#bharatbeniwal
*केंद्र सरकार का जवाब छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए*
*नियमितीकरण का निर्णय राज्य सरकार के अधीन है यह केंद्र सरकार का विषय नहीं है*।
@ChhattisgarhCMO@ShyamBihariBjp
प्रांत अध्यक्ष की बर्खास्तगी सिर्फ एक कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक पूरे समुदाय के विश्वास पर किया गया प्रहार है। हड़ताल हमारा जवाब है जो बताता है कि हमारे साथियों का आक्रोश सत्ता के तख्त को हिलाने की ताकत रखता है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा,यह आग ठंडी नहीं होगी यह लड़ाई रुकेगी नही!
ये राजनीति का सबसे गंदा चेहरा है।
सरकार ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सभी NHM संविदा कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश दिया गया है। आदेश नहीं मानने पर बर्खास्त करने की चेतावनी सरकार ने दी है।
जब NHM कर्मचारियों ने 160 बार से अधिक बार ज्ञापन दिया तब सरकार उनकी बात गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
काश इतनी तत्परता अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा करने में दिखाते है, विपक्ष में थे तब इन्हीं संविदा कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन और हड़ताल अच्छे लगते थे। तब संविदा कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन और हड़ताल में जा-जाके रोटियां सेंकते थे। तब इन्हीं संविदा कर्मचारियों की चिंता और हमदर्दी जताया करते थे।
अब जब चुनाव जीत गये हैं, सरकार को 2 साल होने वाले हैं तो और जब संविदा कर्मचारी आपके घोषणापत्र में किये वादे ( मोदी की गारंटी ) और अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं तो यही संविदा कर्मचारी सरकार की नजरों में चुभने लगे हैं।
जब विपक्ष में थे तब वर्तमान मुख्यमंत्री @vishnudsai, वर्तमान उप मुख्यमंत्री @ArunSao3, वर्तमान वित्तमंत्री @OPChoudhary_Ind संविदा कर्मचारियों के प्रति बहुत हमदर्दी थी, संविदा कर्मचारियों की बहुत चिंता होती थी। विधानसभा चुनाव में जिन संविदा कर्मचारियों भर-भर के वोट दिया, यही संविदा कर्मचारी अब तुच्छ लगने लगे हैं।
यही राजनीति, यहाँ वादों और जुबान की कोई कीमत नहीं और घोषणापत्र तो सबसे बड़ा झूठ है, अगर ऐसे ही राजनीतिक पार्टियाँ और नेता लोग अपने वादों और चुनावी घोषणा पत्र से पलटने लगे तो अगले विधानसभा चुनाव में इस घोषणापत्र को छत्तीसगढ़ की जनता गंभीरता से नहीं लेने वाली।
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रायपुर में NHM कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 13वें दिन भी जारी रही। धरना स्थल पर अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब विपक्ष में रहते वादे करने वाले नेताओं और मंत्रियों को लेकर कर्मचारियों ने “पथरा के देवता बोलत नई हे, सुनत नई ओ” जस गीत गाकर उनके वादों की याद दिलाई। 16,000 कर्मचारी 10 सूत्री मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। कार्य पर वापस लौटने से इंकार करने वाले कर्मचारियों को बर्खास्तगी की नोटिस भी जारी की गई, जिससे आंदोलन और उग्र हो गया है।
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@satyarajput321
एवं न ही आगामी स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा में भी CHOs को कोई अनुभव का अंक का प्रदाय किया जा रहा है l अतः आपसे सादर अनुरोध है कि उक्त परीक्षा की तैयारी के लिए हमें 1 माह का अवकाश प्रदाय करने का कष्ट करेंगे l ताकि हम अपनी भविष्य सुरक्षित कर सकें l @CGVOICE00777@ChhattisgarhCMO
आदरणीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय @ShyamBihariBjp एवं आयुक्त सह मिशन संचालक महोदया @PriyankaJShukla जी आप दोनों से विनम्र निवेदन है कि प्रदेश के CHO साथी संविदा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिए ही फिर भी नियमितिकरण का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है l @IBC24News@OPChoudhary_Ind
4 जून को "दाई- बबा" दिवस मनाया जाएगा हेल्थ मेले में बुजुर्गों की निःशुल्क बीपी,शुगर, हड्डियों की जॉंच मानसिक स्वास्थ्य जॉंच, नेत्र जॉंच, नाक-कान-गला, मुख जाँच ,अन्य जॉच तथा योग,जीवन शैली आदि की सुविधा उपलब्ध होगी तथा नि:शुल्क दवाईयॉं दी जायेंगी @PriyankaJShukla@ShyamBihariBjp
छुईखदान में पदस्थ महिला स्वास्थ्य अधिकारी के आत्महत्या का जिम्मेदार कौन ?
खैरागढ़ के छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में पदस्थ आरती यादव ने अपने दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना 15 मई गुरुवार की है। बता दें कि महीनेभर पहले ही महिला स्वास्थ्य अधिकारी के पति की मौत हो चुकी है। अब उनकी मासूम संतान के सिर से माता-पिता दोनों का साया छीन गया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संगठन का आरोप है कि उक्त महिला स्वास्थ्य अधिकारी ने विभागीय प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की है। उन्होंने इस मामले की शिकायत थाने में भी की है।
संगठन के प्रांताध्यक्ष प्रफुल्ल ने बताया कि ऐसे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा तीन महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। ऐसे में आरती आर्थिक तंगी से भी जूझ रही थी। इस बीच अपने उच्चाधिकारियों का दबाव से वह क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली।
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@ShyamBihariBjp और संविदा कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना ,कम वेतन मिलना ,मानसिक प्रताड़ना , तबादला , child care leave और न ही जाने कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उसका क्या?